राजनीति की खातिर ऐसा क्या छुपाया सोनिया गाँधी ने..
Posted On September 15, 2016
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गाँधी परिवार में ऐसे कई रहस्य है जिन पर अंतहीन बहस शुरू की जा सकती है, इन्ही रहस्यों में कुछ रहस्य ऐसे हैं जिन्हें कांग्रेस ने खुद ही तिलस्मी बना दिया है . आपको याद होगा कि पिछले साल राहुल गाँधी अचानक गायब हो गए थे , उनका कुछ भी पता नही चल पा रहा था और गाँधी परिवार की तरफ से कोई स्पष्टीकरण नही आया . कभी कभी मीडिया के सामने कोई कांग्रेसी बोलता था वो छुट्टियों पर गए हैं . कब आयेंगे या कहाँ गए हैं ये किसी को भी मालूम नही था . कुछ लोगों ने तो यहाँ तक अंदाजा लगाना शुरू कर दिया था कि हो न हो वो विवाह के लिए गए हैं पर अचानक ही वो वापस भी आ गये .
सोनिया गाँधी की वह क्या बीमारी है जिसे पिछले 5 सालों से निरंतर छुपाया जा रहा है , उनके इस तरह छुपाने के कारण लोगों में उत्सुकता बढती जा रही है .ऐसी क्या मजबूरी है कि वो उनकी बीमारी के बारे में कोई बात करने को तैयार भी नही होता . बात सन 2011 अगस्त की है कि, 4 अगस्त को BBC और फ्रेंच न्यूज एजेंसी AFP ने खबर दी कि सोनिया गाँधी एक मेडिकल इमरजेंसी के तहत सर्जरी के लिए विदेश गई हुई हैं . फिर 8 अगस्त को एक और खबर आई कि उनकी सर्जरी सफल रही और सोनिया जी कुछ हफ़्तों में भारत लौट आएँगी . इसके अलावा न परिवार कुछ बोला न ही पार्टी और न ही भारत की मीडिया आत्म विश्वास के साथ कुछ कह पाया .
कहा गया कि वो न्यूयार्क के एक अस्पताल में हैं . वो अस्पताल कैंसर के इलाज़ के लिए मशहूर है . लोगों ने अंदाजा लगाया कि सोनिया गाँधी को पेंक्रियाज़ का कैंसर है कुछ ने कहा सर्वाइकल कैंसर है .सबने अपने अपने हिसाब से अंदाज़ा लगना शुरू कर दिया , किसी ने गेस्ट्रोइन्टेस्टाइनल कैंसर का नाम लिया तो किसी ने सोनिया गाँधी के विदेशी मूल की होने की वज़ह से स्किन कैंसर का भी नाम लिया .
खबर आई है कि वो पिछले 8 महीनों से कैंसर से पीड़ित हैं, इसलिए उनका बार बार विदेश आना जाना लगा रहता है . यह कैंसर की प्रथम अवस्था थी , उनकी 7 घंटें की लम्बी सर्जरी हुई , उनका ओपरेशन कैंसर विशेषज्ञ डॉ. दत्ता त्रेयुडू नोरी ने किया और सोनिया के ओपरेशन का सारा बंदोबस्त सोनिया गाँधी के पुराने विश्वासपात्र पुलक चटर्जी ने किया . जाहिर है इनमे से किसी भी जानकारी की सत्यता को न तो कांग्रेस पार्टी ने सर्थन किया और न ही नकारा .यही स्थिति गाँधी परिवार की भी रही .
गाँधी परिवार तब भी खामोश बना रहा जब लोगों ने सवाल किये कि अगर कोई बीमारी है तो इस तरह छिपाने की क्या जरूरत है. लोगों ने कहा कि लोकतंत्र में देश की सबसे ताकतवर नेता की स्वास्थ्य की बात को नही छुपाना चाहिए . यहाँ पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंग्टन का उदाहरण दिया गया जिनके हृदय रोग के ओपरेशन का पूरा ब्यौरा अमेरीकी न्यूज चैनल जनता को दे रहे थे. प्रधान मंत्री मन मोहन सिंह का उदाहरण भी दिया गया जिनकी 2009 के शुरुआत में हृदय की बाई पास सर्जरी हुई थी. बराक ओबामा का उदहारण भी सामने आया जिन्होंने 2010 से अपने हेल्थ चेकअप के नतीजों को सार्वजानिक करना शुरू कर दिया था .
सोनिया की बीमारी छुपाने का मकसद शायद ये भी हो सकता है कि सोनिया गाँधी की गंभीर बीमारी को लेकर कांग्रेस के अन्दर और बाहर से उनपर दबाव पड़ने का खतरा होता कि, किसी और को कांग्रेस का वर्किंग प्रेसिडेंट नियुक्त कर दिया जाए .