ब्रैस्ट कैंसर. जागरूक रहे, कहीं देर न हो जाऐ….
Posted On August 17, 2016
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राजधानी दिल्ली की महिलाओं मे ब्रैस्ट कैंसर का ज्यादा अटैक देखा जा रहा है. आईसीएम्आर के रिपोर्ट के अनुसार केंसर से पीड़ित 26.9%महिलाओं मे ब्रैस्ट कैंसर पाया गया. डाक्टरों का कहना है कि 100 मे से 10 मामले जेनेटिक वज़ह से होते है. राजधानी सहित पूरे देश की सबसे बड़ी समस्या यह है कि 70 से 80 प्रतिशत मामलों मे मरीज केंसर के एडवांस स्टेज मे पहुँचते हैं, जिसकी वजह से उनके कैंसर से बचने की संभावना केवल 20% ही रह जाती है .
बत्रा हॉस्पिटल के कैंसर स्पेस्लिस्ट डॉ. सुदीप रैना का कहना है कि ब्रैस्ट कैंसर लाइफस्टाइल और जेनेटिक वजह से होता है. अगर लाइफस्टाइल को बदलें और ब्रैस्ट केंसर के लक्षण को समय रहते पहचान लिया जाए तो बहुत हद तक इस बीमारी को टाला जा सकता है .
डॉ. का कहना है कि ब्रैस्ट कैंसर की शुरुआत मे आमतौर पर गांठ मे दर्द नही होता. ब्रैस्ट या निप्पल के साइज़ मे असामान्य बदलाव, स्किन मे सूजन, लाली, खिचाव, छोटे छोटे दाने या निप्पल से किसी द्रव्य का बहना जैसे लक्षण हो सकतें हैं. अगर ऐसा है तो ब्रैस्ट केंसर की जांच के लिए मेमोग्राफी करवाए और केंसर पाए जाने पर तुरंत इलाज करवाना चाहिए.