आपके नाखूनों में भी कोई रहता है, जानिए कौन?
Posted On August 5, 2016
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आजकल लोग बड़े नाख़ून रखने के शौक़ीन होते है. अभिभावक अपने बच्चो को समय समय पर नाख़ून काटने, अच्छी तरह साफ करने और छोटा रखने का निर्देश देते रहते है. कीटाणुओं और इन्फेक्शन से बचाव के लिए लोग अपना हाथ बार-बार धोते है, लेकिन अच्छी तरह से साफ सफाई और हाथ धोने से भी सभी तरह के बैक्टिरिया तुरंत खत्म नहीं होते.
- आपके हाथों के नाखून गंदगी और कीटाणुओं का घर है और इसे साफ़ न करने पर इन्फेक्शन्स बढ़ सकता है.
- वर्ष 1988 में पेंसिलवानिया यूनिवर्सिटी के डर्मेटोलॉजी डिपार्टमेंट के शोध ने पाया कि हाथ के नाखूनों के नीचे खाली जगह में बैक्टिरिया का घर और यह शोध 26 युवाओं के नाखूनों पर किया गया जो किसी रोगी के संपर्क में नहीं थे।
- एक और दूसरे अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पता लगाया कि कृत्रिम नाखूनों में नेचुरल नाखूनों की तुलना में और अधिक बैक्टिरिया पाया जाता है।
- कृत्रिम नाखून की वजह से अच्छी तरह हाथ नहीं धोया जाता है। इन नाखूनों से डिस्पोजेबल दस्ताने भी फट जाने की संभावना रहती है।
- दूसरी ओर, बाल्टिमोर के जॉन होप्किंस अस्पताल के नर्सिंग शोधकर्ताओं ने 1993 में पता लगाया कि फिंगरट्रिप बैक्टीरियल सूक्ष्म जैव विविधता के मामले में पेंटेंड नेचुरल नाखून, कृत्रिम नाखूनों से कम प्रभावित होता है।
कहने का मतलब ये है की आप अपने हाथ के नाखूनों को अच्छी तरह साफ और छोटे रखें और इसे धोने के लिए एंटीबैक्टिरियल साबुनों का इस्तेमाल जरुर करे.