अंतरिक्ष में रचा भारत ने एक और नया इतिहास….
Posted On September 29, 2016
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भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन [ इसरो ] ने 17 विदेशी सेटेलाईट सहित कुल 20 सेटेलाईट एक साथ लांच कर इतिहास रच दिया . इसमें 3 स्वदेशी और 17 विदेशी सेटेलाईट हैं . श्री हरी कोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से पोलर सेटेलाईट लांच व्हीकल [ PSLV –C -34 ] को अन्तरिक्ष में भेजा गया , 26 मिनट और 30 सेकेंड में सारे सेटेलाईट लांच कर दिए . भारत के कार्टोसेट -२ श्रृंखला के उपग्रह सहित 20 उपग्रहों के साथ PSLV – C -34 को श्री हरी कोटा से प्रक्षेपित किया गया .इसरो ने PSLV –C -34 के प्रक्षेपण को सफल बताया है .
इसरो ने इसे अन्तरिक्ष में भारत की अहम सफलता कहा है . इसरो ने PSLV को भारत की पहचान करार दिया है . श्री हरी कोटा के सतीश धवन अन्तरिक्ष केंद्र से बुधवार की सुबह 9 बज कर 26 मिनट पर PSLV –C -34 के जरिये रिकार्ड 20 उपग्रहों का प्रक्षेपण हुआ . इन उपग्रहों में कार्टोसेट -2 श्रृंखला का पृथ्वी सम्बन्धी सूचनाये एकत्र करने वाला भारत का नया उपग्रह शामिल है . प्रक्षेपण प्राधिकरण बोर्ड [ LAB ] के इस अभियान को मंजूरी देने के बाद सोमवार सुबह 9 बज कर 26 मिनट पर प्रक्षेपण की उलटी गिनती शुरू हो गई थी .
इसरो ने इससे पहले वर्ष 2008 में 10 उपग्रहों को पृथ्वी की विभिन्न कक्षाओं में एक साथ प्रक्षेपित किया था .इस बार 20 उपग्रहों को एक साथ प्रक्षेपित करके इसरो ने नया रिकार्ड बनाया . इन उपग्रहों में अमेरिका , जर्मनी ,कनाडा और इंडोनेशिया के उपग्रह शामिल हैं, कार्टोसेट -2 श्रृंखला का उपग्रह पूर्ववर्ती कार्टोसेट -2, 2-A और 2-B के सामान है . कार्टोसेट – 2 श्रृंखला के उपग्रह को छोड़कर 19 अन्य उपग्रहों का कुल वज़न 560 किलोग्राम है , कार्टोसेट -2 उपग्रह और 19 अन्य उपग्रहों को 505 किलोमीटर की ऊंचाई पर सन सिंक्रोनस आर्बिट में स्थापित किया जायेगा .
इसरो के अनुसार सभी 20 उपग्रहों का वज़न 1,288 किलोग्राम है . इन उपग्रहों में अमेरिका कनाडा जर्मनी और इंडोनेशिया के अलावा भारतीय विश्वविद्यालयो के 2 उपग्रह भी शामिल हैं . इसरो के सूत्रों ने पहले बताया था कि, इस अभियान में जिन उपग्रहों को प्रक्षेपित किया जायेगा उसमे इंडोनेशिया का लापान A -3 , जर्मनी का बिरोस , अमेरिका का स्काई सेट जेन -2-1 और जर्मनी का ही एम वी वी शामिल है .